Posts

Showing posts from September, 2019

फटी त्वचा के लिए जान लें ये घरेलू नुस्खे

Image
सर्दियों की शुरूआत होन के साथ ही त्वचा संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। खासकर त्वचा का फटना या रूखा होना। स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब रूखी त्वचा की केयर न की जाए। लापरवाही से त्वचा में दरार व खून आने लगता है। सूरज की किरणों, प्रदूषण, सर्द हवाओं व शरीर में पोषक तत्त्वों की कमी जैसे कई कारणों से होने वाली स्किन संबंधी समस्या से प्राकृतिक तरीकों से छुटकारा पा सकतेे हैं। त्वचा को बनाएं नम : 3 चम्मच जैतून व एक चम्मच अरंडी के तेल को मिलाकर चेहरे पर लगाकर भाप लें। गुनगुने पानी में डूबे हुए कपड़े को हल्का निचोड़कर चेहरे पर ढकें व ठंडा होने पर हटाएं। इससे त्वचा मुलायम हो जाएगी। नींबू का रस : इसे त्वचा पर लगाने से या संतरे के फेस पैक से चेहरे पर निखार आता है। नींबू रस त्वचा पर लगाने से शुरू में हल्की जलन हो सकती है। रस को चेहरे पर लगाकर 10 मिनट बाद उसे धो लें। कारगर पपीता : फटी त्वचा पर पपीता लगाना भी लाभकारी है। इसके गूदे का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाकर मसाज करें और 10-15 मिनट के लिए लगे हुए छोड़ दें। बाद में गुनगुने पानी से धोएं। शहद-दालचीनी : एंटीबैक्टीरियल होने के कारण दालचीनी का लेप...

सुबह उठते ही आती हैं छींकेंं तो जानें ये खास बातें

Image
तापमान में बदलाव से कई बार लोगों को सुबह जल्दी उठने के साथ लगातार छींकें आती हैं। वैसे तो छींकना एलर्जी से बचाव की स्वाभाविक प्रक्रिया है, जिससे शरीर में मौजूद एलर्जी के कारक बाहर निकलते हैं। लेकिन रोज सुबह 4-5 बार से ज्यादा छींकें आना सामान्य नहीं। इसके साथ नाक बहना, आंखों में जलन व नाक बंद होने जैसी दिक्कत भी होती है। जाने कुछ घरेलू उपाय- ये भी उपयोगी - मेथी के दाने : एक कप पानी में 2-3 चम्मच मेथी के दानों को उबालें। पानी आधा रहने पर गुनगुना घूंट-घूंट कर पीएं, लाभ होगा। पान का पत्ता : 2-3 पान के पत्ते को पीसकर जूस निकालकर आधे चम्मच शहद के साथ लेने से कफ, एलर्जी और सर्दी नहीं रहती। खट्टे फल : फ्लेवेनॉएड्स व एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल संतरा, नींबू, अंगूर आदि इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार हैं। ये सर्दी व एलर्जी के कारक वाले बैक्टीरिया से लड़ते हैं। इनमें से एक फल रोज खाएं। सौंफ : एंटीऑक्सिडेंट युक्त सौंफ को हर्बल टी के रूप में ले सकते हैं। इससे एलर्जी के प्रति लडऩे की क्षमता बढ़ती है। हल्दी : आयुर्वेद में हल्दी का धुआं सूंघने की प्रक्रिया हर्बल स्मोकिंग कहलाती है। इसके लिए 1-2 चम्मच...

मां को एनीमिया है तो होने वाले बच्चे की इम्युनिटी होगी खराब

Image
डॉक्टर्स के अनुसार पोषण व हाइजीन का अभाव एनीमिया का कारण है। इससे मां-शिशु दोनों को दिक्कतें होती हैं। जिन गर्भवती महिलाओं को ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है, उनके शिशु कम इम्युनिटी वाले पैदा होते हैं। हीमोग्लोबिन कम - खून में आयरन की कमी से हीमोग्लोबिन कम होने लगता है, जिसे एनीमिया कहते हैं। आयरन शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं (रेड ब्लड सेल्स) बनाता है जिससे हीमोग्लोबिन का निर्माण होता है। इसका काम फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर रक्त में पहुंचाना है। ऐसे में हीमोग्लोबिन कम होने से शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। एक स्वस्थ पुरुष में 13-16 व महिला में 12-14 मिग्रा. प्रति डेसिलीटर हीमोग्लोबिन होना चाहिए। कारण : पोषण (फॉलिक एसिड, विटामिन-बी12, आयरन) की कमी अहम है। कुछ रोगों के कारण जैसे दवाओं का दुष्प्रभाव, थायरॉइड, थैलेसीमिया, किडनी संबंधी समस्या, कैंसर, नियमित रक्तस्त्राव और खराब दिनचर्या से भी एनीमिया हो सकता है। ऐसे पाएं राहत - फॉलेट : शरीर को नई रक्त कोशिकाएं बनाने के लिए फॉलेट, विटामिन-12, आयरन की जरूरत होती है जो हरी सब्जियों, साबुत अनाज, सूखे मेवों, पालक, चुकंदर व सेब में होते हैं।...

इन सवालों के जवाब अच्छी रखेंगे आपके हृदय की सेहत

Image
प्रश्न : हृदय का मुख्य काम क्या है? हृदय ऐसा अंग है जो रक्त की पम्पिंग कर पूरे शरीर में इसका संचार करता है। हृदय के अंदर चार चैम्बर होते हैं। उनके बीच में वॉल्व होते हैं। इनकी मदद से हृदय पम्पिंग कर शुद्ध रक्त शरीर में पहुंचाता है। शरीर का एक्टिव भी रखने का काम करता है। प्रश्न : बीपी व हाई बीपी की बॉर्डरलाइन क्या है ? 120/80 बीपी की आदर्श रीडिंग व 140/90 हाई बीपी की बॉर्डरलाइन मानी जाती है। 120-140 व 80-90 में जीवनशैली में बदलाव की सलाह दी जाती है। अगर बीपी लेवल 140/90 से ऊपर हो तो मरीज को नियमित रूप से दवा लेने की जरूरत पड़ती है। प्रश्न : हृदय को स्वस्थ कैसे रख सकते हैं? मदिरापान, धूम्रपान से दूर रहना चाहिए। तनाव लेने से बचें। वजन, शुगर व बीपी नियंत्रित रखें। नमक व शक्कर का कम प्रयोग करें। डीप फ्राई चीजें खाने से हार्ट की बीमारी होती है। इनसे बचें। दो चम्मच से ज्यादा घी न लें। योग, व्यायाम व ध्यान करने से भी इसमें बचाव होता है। प्रश्न : हाइपर टेंशन की दिक्कत क्यों होती है? हाइपर टेंशन की वजह वंशानुगत, अनियमित जीवनशैली हो सकती है। यह तनाव, ज्यादा वजन व शारीरिक गतिविधि न होने से होता है...

Navratri Special Diet: नवरात्रि में केले से एेसे बनाएं हेल्दी स्नैकिंग

Image
कच्चे केले बेहद पौष्टिक होते हैं और यह फाइबर, बीटा-कैरोटिन, कैल्शियम, विटामिन ए और सी का भी एक अच्छा स्त्रोत है। ग्लूटन फ्री इस फल का उपयोग आप कई तरह के व्यंजनों को बनाने में कर सकते हैं। कच्चे केले से बने स्नैक्स नवरात्रि के व्रत में खाना फायदेमंद है। आइये जानते हैं इसे कैसे बनाएं। कच्चा केले के कटलेट्स। सामग्री : 2 छोटे कच्चे केले 2 मध्यम आकार के आलू। 1/4 कप कसावे का आटा। 1 टीस्पून लाल मिर्च पाउडर। 1 टीस्पून पुदीने के सुखे पत्ते। हिमालयन सॉल्ट (सेंधा नमक) 3 टेबलस्पून तेल। विधि : 1. सबसे पहले केले और आलू को प्रेशर कूकर में डाल दें और इसके बाद इन्हें तीन सीटी लगने या दस मिनट तक पका लें। इस प्रक्रिया में हड़बड़ी बिल्कुल न करें क्योंकि हमारा मकसद इन्हें ऐसे पकाना है जिससे कि ये बिल्कुल सॉफ्ट हो जाए और इन्हें अच्छे से मैश किया जा सके। 2. इसके बाद इन्हें कूकर के गर्म पानी से निकाल लें और कुछ देर तक ठंडा होने के लिए छोड़ दें। कुछ देर बाद आलू और केले के छिलके को छील लें और इन्हें एक-एक कर किसी बड़े बर्तन में डालते जाएं। 3. इसके बाद उबले आलू और केले को चम्मच या पोटैटो मैशर से मसल लें। 4. इसके...

Heart Health: बढ़ते वजन को न करें इग्नोर, हार्ट अटैक का है बड़ा कारण

Image
ज्यादा वजन (Obesity) : शरीर में तय मात्रा से ज्यादा फैट की वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जो हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बनता है। ट्रांस फैट हार्ट अटैक का कारण बनता है। कोलेस्ट्रॉल की जांच साल में एक बार करा सकते हैं। हाई बीपी (High Blood Pressure) : लंबे समय से हाई बीपी धमनियों को ब्लॉक करता है। जिससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ता है। डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर का लगातार उतार-चढ़ाव हार्ट के लिए ठीक नहीं होता है। इससे हृदय की कार्य क्षमता प्रभावित होती है। हार्ट के लिए स्मोकिंग, शराब खतरनाक स्मोकिंग से हार्ट की धमनियां सिकुड़ जाती हैं। रक्त संचार बाधित होता है। शराब हृदय की मांसपेशियों को कमजोर करती है। हार्ट की पंपिंग क्षमता घटती है। बढ़ता स्ट्रेस : तनाव का संबंध हृदय से होता है। इससे जितना हो सके दूर रहें क्योंकि तनाव से अड्रेनलिन हॉर्मोन रिलीज होता है। इससे हार्ट रेट बढ़ता है। ब्लड प्रेशर भी बढऩे लगता है। ऐसी स्थिति लगातार होने से ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, हार्ट पंपिंग से खून व उसे पहुंचने वाली ऑक्सिजन की मात्रा घटती-बढ़ती है। इससे धमनियों पर दबाव से हृदय संबंधी दिक्कतें हो सकती...

Heart Health Tips: इन तीन बातों का ध्यान रखेंगे तो नहीं आएगा हार्ट अटैक

Image
दिल की सेहत को सही रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली व खानपान बहुत जरूरी है। जीवन में तनाव की बजाय हंसते मुस्कराते रहेंगे तो हार्ट अटैक का खतरा भी कम हो जाएगा। संतुलित थाली : दिन भर खाने में 150-200 ग्रा. हरी सब्जी, 150-200 ग्रा. फ्रूट्स व 150-200 ग्रा. सलाद, 150-200 ग्रा. अनाज होना चाहिए। (औसत मानक) भरपूर नींद जरूरी : रात को छह घंटे से कम सोने वाले लोगों को हार्ट स्ट्रोक का खतरा अधिक होता है। 7-8 घंटे की नींद लें। कार्यक्षमता भी अच्छी रहेगी। कोलेस्ट्रॉल ऐसे घटाएं: हाई फाइबर युक्त चीजें जैसे चोकर, सोयाबीन मिले आटे की रोटी, दलिया, छिलके वाली मूंग दाल, अंकुरित गेहूं, फल-सब्जियां और लहसुन, अदरक नियमित लें। ऐसे जांचें हार्ट की सेहत : छह मिनट में 500 मीटर पैदल चलें। इस दौरान सांस नहीं फूल रही या कोई और दिक्कत नहीं हो रही है तो जांच की जरूरत नहीं है। दिल की सेहत के बारे में रिसर्च ऑस्ट्रेलिया की बेकर हार्ट एंड डायबिटीज इंस्टीट्यूट की रिसर्च के अनुसार विटामिन ई हार्ट अटैक से मांसपेसियों में होने वाले नुकसान से बचा सकता है। इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट व एंटी-इनफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह हार्ट की मांसपे...

Heart health tips: यदि एक बार हार्ट के पेशेंट बन गए तो क्या होगा?

Image
angina से छाती में पहली बार तेज दर्द होता है। इसे बदहजमी, पसलियों, खांसी से दर्द के अंतर को पहचानना जरूरी होता है। समय पर पहचान कर हार्ट अटैक से बचा जा सकता है। एनजाइना तीन तरह का हो सकता है। स्टेबल एनजाइना: शारीरिक गतिविधि सीढिय़ां चढऩे, कसरत या अधिक भावुकता के कारण होता है। आराम करने पर कम हो जाता है। अनस्टेबल एनजाइना : आराम करते, सोते हुए हो सकता है। सर्दी में ज्यादा होता है। प्रिंजमेटल एनजाइना: हृदय की धमनियों के अस्थायी रूप से सिकुडऩ के कारण होता है। इसकी समय से पहचान, इलाज न होने से स्थिति खतरनाक हो सकती है। यदि एक बार हार्ट अटैक हुआ तो...? हृदय रोगों के बाद स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। चिकित्सक की परामर्श से जीवनशैली, खानपान रखना होता है। पेसमेकर लगा है तो इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बचने की सलाह देते हैं। संतुलित भोजन हृदय रोगों से बचाने में मददगार है। सोडियम व सैचुरेटेड फैट वाली चीजों के प्रयोग से बचें। समय से नियमित दवाएं लेनी होती है। हृदय रोग का कारण कोलेस्ट्रॉल का बढऩा हृदय रोग का प्रमुख कारण कोलेस्ट्रॉल का बढऩा है। ट्राइग्लिसराइड, एलडीएल व एचडीएल का स्तर 200 एमजी/ डीएल से ...

Health Tips: स्वाद नहीं, पोषण युक्त इन चीजों के खाने से हार्ट स्वस्थ रहेगा

Image
चटपटे, तला-भुना खाने की आदत हार्ट के लिए भारी पड़ती है। इसमें ट्रांस फैट, बैड कोलेस्ट्रॉल कई गुना ज्यादा होता है। इन चीजों को खाने की आदत से हार्ट को फिट रख सकते हैं। अलसी : अलसी के बीज कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार हंै। डाइट में एक छोटा चम्मच अलसी के बीज को शामिल कर सकते हैं। पिसे बीज का भी प्रयोग कर सकते हैं। धनिया : धनिया की बीजों के पाउडर को एक कप पानी में उबालकर दिन में दो बार पीएं। यह कोलेस्ट्रॉल घटाने में मददगार है। प्याज : High Cholestrol में लाल प्याज फायदेमंद है। एक चम्मच प्याज के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर इसका प्रयोग कर सकते हैं। आंवला : एक चम्मच सूखे आंवला के पाउडर को एक गिलास गर्म पानी में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है। सेब का सिरका : सेब का सिरका कोलेस्ट्रॉल व ट्राइग्लिसराइड के लेवल को कम करता है। संतरा : हाई कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मददगार है।इसे नियमित तीन-चार संतरे खा सकते हैं। नारियल तेल : नारियल के तेल का १-२ चम्मच प्रयोग कर सकते हैं। प्रोसेस्ड नारियल तेल से बचें। अखरोट : विटामिन ई युक्त अखरोट ओमेगा 3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। बैड कॉल...

सीपीआर देकर बचा सकते हैं दूसरों की जान, जानें इसके बारे में

Image
दुर्घटना में बेहोश व्यक्ति को सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी- रेसूसिटेशन) से होश में ला सकते हैं। अगर किसी को ऐसे मरीज दिखाता है तो सबसे पहले 108 नंबर पर फोनकर एम्बुलेंस को सूचना देनी चाहिए ताकि जल्द मदद मिल सके। इसके साथ ही मरीज की सुरक्षा का भी ध्यान देना चाहिए। अगर मरीज सड़क के किनारे या सकरी जगह पर है तो उसको किनारे या खुली जगह पर लनाना चाहिए। इसके बाद सीपीआर देना शुरू करना चाहिए। पहले जांचें कैरॉटिक पल्स - मरीज को मदद देने से पहले उसकी कैरॉटिड पल्स (गले की नब्ज कंठ के दोनों तरफ होती) जांचें। तीन अंगुलियों से धड़कन टटोलते हैं। इससे पता चल जाएगा कि मरीज की सांस कैसे चल रही है। इसके बाद से सीने के बीच की हड्डी (स्टर्नम) जहां खत्म होती है वहां पर एक मिनट में 100 से 120 कंप्रेशन देेते हैं। तीस कंप्रेशन के बाद पीडि़त को ओपन एयर-वे की ओर ले जाते हैं। उसके माथे पर सीधे हाथ की तीन अंगुलियां रखकर इंडेक्स फिंगर, थंब से नाक दबाएं। मुंह से कृत्रिम सांस देने के लिए उसके मुंह पर रूमाल लगाकर सामान्य तरीके से सांस दें। एक सेकंड के अंतराल पर पांच बार करें। किन्हें दे सकते हैं सीपीआर - ऐसे मरीज को किसी द...

World Heart Day: बीमार नहीं, ऐसे बनें Healthy Heart के हीरो

Image
High BP से बे्रन स्ट्रोक का खतरा 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है क्योंकि लंबे समय तक बढ़ते दबाव के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं। इससे हृदय को ब्लड पंप करने में काफी परेशानी होती है। खानपान व जीवनशैली में बदलाव कर नियंत्रित किया जा सकता है। सेहत के 3 सूत्र नो करी ( No Curry ) : ग्रेवी वाले फूड न लें। इसमें क्रीम, घी, बटर और शुगर ज्यादा होता है। ऐसे भोजन का असर हार्ट की धमनियों पर होता है। नो वरी ( No Worry ) : ज्यादा तनाव और चिंता से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) बढ़ता है। इससे नसों में संकुचन से आर्टरीज ब्लॉक हो सकती हैं। हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है। नो हरी ( No Hurry ): काम में हड़बड़ी को हरी सिकनेस कहते हैं। काम जल्द न होने पर गुस्सा भी आता है। इससे रक्त प्रवाह तेज हो जाता है। इससे हृदय की शिराओं के फटने का खतरा रहता है। बीमारियों से बचने के लिए ये तीन बदलाव आज से ही करें खानपान- (Eating Habit) कैसा हो खानपान : ज्यादा पका व तला-भुना खाना, जंकफूड, सॉफ्ट ड्रिंक पीने से बचें। दो-तीन चम्मच घी-तेल, मक्खन (10-15 मिली.) चम्मच ले सकते हैं। खाने में 50 प्रतिशत सब्जियां, फ्रूट्स होने चाहिए। सा...

व्यस्त जीवन में भी स्वस्थ रहने के लिए 10 बातों का रखें ध्यान

Image
1-अगर ऑफिस या बिजनेस सेंटर पास है तो गाड़ी का इस्तेमाल करने की बजाय पैदल ही आए-जाएं। 2-ऑफिस में लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। रोजाना 3 मिनट सीढ़ियों चढने से हृदय स्वस्थ रहता है। 3-ऑफिस में 1-2 घंटे के बाद 5 मिनट का ब्रेक लें। थोड़ी वॉक करें। हल्के फुल्के योग-एक्सरसाइज कर सकते हैं। 4 -बाहर का भोजन खाने की जगह घर से टिफिन ले जाएं। ऑफिस टेबल पर नहीं, सहकर्मियों संग कैंटीन में लंच करें। 5 -डेली प्लान बनाएं। इससे काम आसान होगा और स्टे्रस से बचाव होगा।एक दिन ऑफ लेकर रेस्ट करें। 6-रोजाना 30 मिनट हॉबी के लिए दें। इसमें आप चाहें तो किताबें पढ़ें, म्यूजिक सुने या फिर दोस्तों के साथ बातें करें। 7 -रात में गैजेट्स का इस्तेमाल कम करें। इससे आंखों पर स्ट्रेस पड़ता है और आंखों का आईबॉल फैलता है। नींद देरी से आती है। 8- इम्युनिटी बढ़ाने के लिए सूखे मेवे खाएं। इम्युनिटी अच्छी होने से कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है। 9 -लोगों से मिलना-जुलना जारी रखें। इससे आपकी न केवल याद्दाश्त अच्छी होती है बल्कि तनाव भी दूर होता है। 10- हर प्रकार के नशे से दूर रहें। नशे से कुछ देर के लिए आराम भले ही मिलता...

हृदय को मजबूत करने में मददगार देसी तरीके

Image
हेल्दी हार्ट के लिए एक चम्मच अर्जुन की छाल के पाउडर को एक कप पानी में उबालें। इसको फिर एक कप दूध में पकाकर सुबह पीएं। इससे हार्ट मजबूत और कोलेस्ट्रॉल कम होता है। हृदय रोगों से हाथ पैरों में सूजन होने पर गोखुरू का पाउडर दूध में ले सकते हैं। पुनर्नवा का पाउडर या इसकी पत्तियों की सब्जी बनाकर खाएं। 1-2 चम्मच रस पीना भी फायदेमंद है। बीपी के लिए - उच्च रक्तचाप की समस्या है तो 500 मिलीग्राम से एक ग्राम सर्पगंधा का चूर्ण गुनगुने दूध के साथ लेना चाहिए। सर्पगंधा से बनी औषधि लेने से भी लाभ मिलता है। तनावमुक्त - इसके लिए ब्राह्मी, अश्वगंधा या जटामासी पाउडर की आधा चम्मच दूध के साथ ले सकते हैं। तनाव कम होने से हार्ट डिजीज से बचाव होता है। कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल- नियमित 4-5 लहसुन की कलियां खाने से कोलेस्ट्रॉल घटता है। इसको चटनी, दाल में खा सकते हैं। दाल या सब्जी में तडक़ा लगाने से भी फायदा होगा। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह पर ही लें। from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2oe5YD9

जानिए संतुलित खानपान और सुबह गर्म पानी पीने के फायदे

Image
सुबह उठने के बाद सबसे पहले एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीएं। रिफ्रेश होकर भीगे बादाम और अखरोट खाएं। सुबह उठने के 2-3 घंटे के अंदर कम वसा युक्त दूध के साथ उपमा, दलिया, इडली ब्रेकफास्ट लें। दोपहर से पहले मौसमी फू्रट, नारियल पानी लें। हर 2 माह में खाद्य तेल बदलें। लंच में सलाद, चपाती, दही, 2 कटोरी सब्जी, अंकुरित बीन्स व डिनर में वेजिटेबल सूप, चपाती ले सकते हैं। करी पत्ता, लहसुन, अदरक, राई, एवोकैडो, नट व चिया सीड हृदय के लिए सेहतमंद माने जाते हैं। आयुर्वेद में आहार : चिकनाई युक्त व पचने में भारी से परहेज करें। सुबह-शाम अर्जुन की छाल का काढ़ा पीएं। नियमित शहद, लौकी का जूस, आंवला, कच्चा लहसुन, अश्वगंधा, गुग्गल, दूध के साथ अश्वगंधा चूर्ण या दूध में लहसुन उबालकर पीने से हृदय संबंधी तकलीफ में आराम मिल सकता है। लाफिंग थैरेपी से हार्ट मजबूत : इससे हृदय का व्यायाम होता है। एंडोर्फिन रसायन निकलने से हृदय मजबूत बनता है। रात में लाफिंग थैरेपी से शुगर लेवल में भी फायदा मिल सकता है। from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2mR9x1I

नेचुरल हार्ट बाइपास का काम करती है एक्सारइज

Image
अगर किसी व्यक्ति के खून की धमनियों में ब्लॉकेज हो गया है और आगे अंगों को ब्लड सप्लाई नहीं हो रही है तो इसमें नियमित एक्सरसाइज करने से लाभ होता है। वर्कआउट इसमें नेचुरल बाइपास की तरह काम करता है। व्यायाम करने से शरीर में छोटी-छोटी नलियां स्वत: ही बनने लगती हैं जिन्हें कोलेट्रल्स कहते हैं। इन नलियों के रास्ते शरीर के अंगों को रक्त की पूर्ति होने लगती है और मरीज में हृदयाघात की आशंका कम होती है। एक्सरसाइज रक्तसंचार प्रक्रिया को बेहतर करती है। ब्लड फ्लो सही होने शरीर के महत्वपूर्ण अंगों का फंग्सन सही हो जाता है। मिडिल ऐज में व्यायाम से पहले सलाह जरूर लें युवावस्था में हर एक्सरसाइज का लाभ मिलता है लेकिन अगर कोई मिडिल ऐज (40 पार) में एक्सरसाइज शुरू करना चाहता है तो पहले एक्सपर्ट से सलाह लेनी चाहिए। इस उम्र में शरीर के अंगों की स्थिति के अनुसार व्यायाम करना चाहिए। कम या ज्यादा व्यायाम करने से अंगों को लाभ नहीं मिलता है। व्यायाम सही तरीके से करना चाहिए। from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2omaDmJ

Navratri Special: नवरात्री में ऐसे खाेले व्रत, बनी रहेगी सेहत

Image
Navratri Special In Hindi: यदि आप भी नवरात्र के दौरान उपवास रखते हैं तो सेहत से जुड़ी कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है। क्योंकि नौ दिन के व्रत के दौरान लापरवाही बरतने से सेहत बिगड़ भी सकती है। जैसे पाचन गड़बड़ाने के साथ अनचाहा वजन बढ़ता है या कई बार कमजोरी के कारण चक्कर आने, बेहोशी छाने और बीपी घटने की दिक्कत भी हो सकती है। इस दौरान यदि सही खानपान के साथ कुछ नियम अपनाए जाएं ( Navratri Fasting Tips ) तो शरीर से विषैले तत्त्व बाहर निकलते हैं। ज्यादातर विशेषज्ञ उपवास में ऐसी चीजें खाने ( Navratri Fasting Diet Plan ) की सलाह देते हैं जो ग्लूटेन फ्री होने के साथ ही फाइबर में अधिक और फैट में कम होते हैं। अाइए जानते हैं नवरात्र उपवास के दाैरा कैसी हाे डाइट ( Navratri Diet Plan ) :- व्रत करने से शरीर में बनी रहती ऊर्जा ( Navratri Healthy vrat Food ) कभी-कभी भूखे रहना या उपवास करना हमारे शरीर के लिए फायदेमंद भी होता है। इस दौरान अन्न आदि न खाने से हमारे पाचन तंत्र को आराम मिलता है। शरीर में ऊर्जा बनी रहती है जिसका इस्तेमाल हम नियमित खाते रहने से नहीं कर पाते हैं। व्रत के दौरान संतुलित खाना ...

हृदय रोग में कठिन योग नहीं, हल्के आसन करने चाहिए

Image
मार्जरी आसन इस आसन से मेरूदंड और मांसपेशियां में लचीलापन आता है। शरीर का तंत्रिका तंत्र नियंत्रित रहता है। पेट और सीने में खून का संचार अच्छा होता है और हृदय पर दबाव कम पड़ता है। यह प्रक्रिया एक सिटिंग में 10 बार कर सकते हैं। जिनको रीढ़ की हड्डी में दर्द, टीबी व ट्यूमर की समस्या है वे न करें। भ्रामरी इस प्राणायाम से न केवल शरीर बल्कि मन भी स्वस्थ रहता है। मानसिक तनाव कम होता है। हाई बीपी और हृदय रोगों से बचाव होता है। एक सिटिंग में तीन बार दोहरा सकते हैं। मिर्गी और ब्रेन ट्यूमर के रोगी इसे ना करें। अनुलोम-विलोम यह एकमात्र प्राणायाम है जिसेे कोई भी कर सकता है। इससे शरीर के अनुकंपी और परानुकंपी तंत्रिका तंत्र संतुलित होते हैं। जिससे हृदय की धडकऩ सही रहती है। इसको एक सिटिंग में 5-10 मिनट की अवधि तक कर सकते हैं। सेतुबंधासन यह आसन सीने की क्षमता को बढ़ाता है जिससे खून में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है। हृदय का कार्य ठीक रहता है। इस आसन को एक मर्तबा में तीन-तीन बार कर सकते हैं। इसमें 10 सेकंड के लिए शरीर को एक ही स्थिति में रखते हैं। गर्भवती महिलाएं और हर्निया के रोगी इसे करने से बचें। पवनमुक्त...

ये पांच आधुनिक तकनीक बदल रही हैं हृदय रोगियों की जिंदगी

Image
इलाज की नई तकनीक से मरीजों को अधिक फायदा हो रहा है। आंकड़ों की बात करें तो अकेले भारत में ही हर साल एक लाख से अधिक हार्ट सर्जरी होती हैं। हार्ट से जुड़ी नई तकनीकों से इलाज की राह तेजी से आसान हुई है। तकलीफ में राहत के साथ पैसा और समय भी बच रहा है। इलाज की अवधि भी काफी कम हुई है। अधिक से अधिक लोगों की जिंदगी बचाने वाली इन नई तकनीकों के बारे में जानते हैं- तावी - हृदय के वॉल्व सिकुड़ने, लीक करने के कारण वॉल्व बदलना ही विकल्प था। अब तावी (ट्रांसकैथेटर ऑरटिक वॉल्व इम्प्लान्टेशन) से बिना चीर-फाड़ व बेहोशी के पैर की नस के रास्ते एंजियोप्लास्टी की तरह हार्ट के वॉल्व को बदलते हैं। अधिक उम्र के मरीजों में भी कारगर है। सीआरटी-डी - जिन मरीजों के हृदय की पम्पिंग क्षमता स्थाई रूप से कमजोर हो चुकी है। उनके लिए यह बेहतर विकल्प है। ऐसे मरीजों को कार्डियक रीसिंक्रोनाइजेशन थैरेपी डिफिब्रिलेटजिन कराते हैं। यह हार्ट पम्पिंग क्षमता बढ़ाने वाला पेशमेकर है। लीड लेस पेसमेकर- यह कैप्सूल के आकार का होता है। यह सामान्य पेसमेकर से 93% छोटा है। टाइटेनियम का बना होने से संक्रमण की आंशका कम रहती है। जिस तरह एंजियोप्...

हैल्दी हार्ट के लिए जरूरी है मोटिवेशन

Image
हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर के दूसरे हिस्सों में ब्लड को पहुंचाने वाली धमनियों में खून पंप करता है। इसमें खराबी होने पर हमारी जान पर बन आती है। एक्सपर्ट की मानें तो हार्ट डिजीज होने के कई कारण हैं लेकिन महत्वपूर्ण कारणों में शरीर को आराम न देना, तनावपूर्ण जीवन, असंतुलित खानपान, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधि न करना है। इन बातों का ध्यान रखा जाए तो हृदय रोगों की आशंका 70-80 फीसदी तक कम हो सकती है। इसलिए रोजाना एक-डेढ़ घंटे अपने लिए जरूर निकालें। हैल्दी हार्ट के लिए खुद को मोटिवेट करें। इसके लिए जो भी अच्छी आदतें हैं उन्हें नियमित करूंगा। हार्ट डिजीज से शरीर पर दुष्प्रभाव हार्ट बीट यानी दिल की धड़कन अनियंत्रित होने से शरीर की क्षमता कमजोर होने लगती है। मरीज के चलने की क्षमता, शरीर की ऊर्जा और शारीरिक संतुलन पर भी असर पडऩे लगता है। अधिक उम्र के मरीजों में हार्ट अटैक और स्ट्रोक की भी आशंका बढ़ जाती है। वहीं, हृदय रोगों के कारण दिमाग और किडनी जैसे प्रमुख अंगों की कार्यप्रणाली खराब होने लगती है। हार्ट की समस्या होने पर इसका असर जबड़े, हाथों और गले पर भी पड़ता है। साथ ही शरीर...

Navratri Special: व्रत में ये चीजें खाएंगे तो बीमारियां भागेंगी दूर

Image
एंटीऑक्सीडेंट युक्त नारियल पानी से बीपी नियंत्रित और अन्य बीमारियों में फायदा मिलता है। विटामिन्स, मिनरल्स, ग्लूकोज से भरपूर बनाना शेक इलेक्ट्रोलाइट संतुलन, बीपी नियंत्रण और हड्डियों के लिए फायदेमंद है। चुकंदर, सेब, पपीता, खीरा, अनार से दिनभर तारोताजा रहेंगे। Navratri Fast करते समय उचित खानपान रखेंगे तो शरीर को भी इसका पूरा फायदा होगा। Deep Fried , तेज मसालेदार लेने से पित्त बढ़ सकता है। बुखार व अन्य समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए कोशिश संतुलित आहार लेने की करें। तला-भुना, तेज मसालेदार न लें व्रत के दौरान लोग संतुलित खानपान पर ध्यान नहीं देते हैं। इससे शरीर में अग्नि मंद हो जाती है। व्रत का उद्देश्य पित्त कम कर हल्का व सुपाच्य खाकर सेहतमंद रहना है। व्रत में उचित खानपान से सेहत को मजबूत कर सकते हैं। Deep Fried , तेज मसालेदार लेने से शरीर में पित्त की वृद्धि हो सकती है। बुखार व अन्य समस्याएं हो सकती हैं,जरूरी है कि संतुलित आहार लें। भोजन में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करें जिनमें फाइबर अधिक और वसा की मात्रा कम हो। भोजन हल्का व सुपाच्य हो। डिहाइड्रेशन से बचें डिहाइड्रेशन से बचने के लिए एनर्जी य...

world heart day: सीढ़ियां चढ़ते हुए सांस फूले तो हो सकता है हृदयाघात, जानें इसके बारे में

Image
हृदयाघात - world heart day: world heart day 2019: सीढ़ियां चढ़ते वक्त सांस फूलती है तो सावधान हो जाएं। रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज से हृदय तक रक्त नहीं पहुंचने से हृदयघात होता है। एक दम से सीने में तेज दर्द, सांस फूलने, पसीना आने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं। गोल्डन आवर ट्रीटमेंट से 80% मरीज बच सकते हैं। डिस्प्रिन दें, ईसीजी कराएं। कुछ इंजेक्शन से भी आराम मिलता है। साइलेंट अटैक - हार्ट अटैक यानि दिल के दौरे के दौरान आमतौर पर लक्षण आधे घंटे तक रहते हैं। आराम करने या दवा खाने से राहत नहीं मिलती है। मामूली दर्द से गंभीर पीड़ा तक हो सकती है। कई लोगों में हार्ट अटैक के लक्षण नहीं दिखते हैं जिसे साइलेंट मायोकार्डियल इन्फेक्शन यानि एमआई कहते हैं। ये ज्यादातर डायबिटीज के मरीजों में होता है। कार्डियक अरेस्ट - ये हार्ट की ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय एकदम से काम करना बंद कर देता है। व्यक्ति बेहोश हो जाता है। तत्काल उपचार न मिलने पर कुछ मिनटों में जान भी जा सकती है। इसका कारण हृदय की धमनियों में पूरी तरह ब्लॉकेज आकर हार्टअटैक आना है। प्रारंभिक उपचार के लिए व्यक्ति के सीने में कंप्रेशन और मुंह के माध्यम से...

world heart day: दिल की अच्छी सेहत के लिए अपनी आदतें सुधारिए

Image
world heart day: world heart day 2019 : हृदय रोगों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के लिए 29 सितंबर को हर वर्ष विश्व हृदय रोग दिवस मनाया जाता है। हृदय औसतन 13 सेंमी. लंबा, 9 सेमी. चौड़ा और करीब तीन सौ ग्राम वजनी होता है। स्वस्थ व्यक्ति का दिल एक मिनट में 72-80 बार धड़कता है। 10-15 साल पहले बुजुर्गों की बीमारी मानी जाती थी लेकिन खराब जीवनशैली और असंतुलित खानपान से अब युवा भी हृदय रोगी हो रहे हैं। अमरीका में हृदय रोगियों की औसत उम्र 55 और भारत में 40-45 साल है। खानपान, नियमित व्यायाम, योग और ध्यान से बचाव संभव है। बच्चे - गर्भावस्था के दौरान मां के शराब, पीने, धूम्रपान करने या वायरल इंफेक्शन से नवजात के हृदय में छेद की आशंका बढ़ती है। ऑपरेशन ही विकल्प है। डिवाइस पद्धति से हृदय के छेद को बंद किया जाता है। पहले इको कार्डियोग्राफी जांच से पता करते हैं कि किन छेदों को डिवाइस पद्धति से बंद किया जा सकता है। युवा - युवाओं में हाइपर टेंशन, हार्ट अटैक तेजी से बढ़ रहा है। खराब जीवनशैली, तनाव, भावनात्मक वेदना, वॉल्व में इंफेक्शन- सिकुड़ने या लीकेज से हृदयाघात की आशंका बढ़ती है। शराब, धूम्रपान से दूरी हृदय...

World Heart Day: नमक ही नहीं ये चीजें भी करती है दिल काे बीमार

Image
World Heart Day in Hindi: आप अगर लम्बे समय तक अपने दिल काे सेहतमंद ( Healthy Heart ) रखना चाहते हैं ताे हेल्दी डाइट पर जाेर दीजिए। क्याेंकि कुछ भी खाना आपके दिल की सेहत के लिए अच्छा नहीं हाेता है। खासकर जब आपकाे दिल की बीमारी हाे। आज हम आपकाे कुछ ऐसे फूडस के बारे में बताने जा रहे हैं जाे दिल की सेहत खराब कर सकते हैंं। सेहतमंद दिल के लिए जरूरी है कि आप जहां तक हाे इन फूडस से दूरी बना लें। आइए जानते दिल काे नुकसान पहुंचाने वाले इन फूडस ( Foods Bad For Heart ) के बार में सैचुरेटेड फैट व साेडियम Foods To Avoid With Heart Disease फास्ट फूड का शौक दिल के लिए ही नहीं बल्कि पूरे शरीर की सेहत के लिए खराब हाेता है। उच्च सैचुरेटेड फैट व साेडियम युक्त फास्ट फूड दिल की धमनियाें काे ब्लाक करते हैं। जिससे स्ट्राेक का खतरा बढ़ जाता है। यही नहीं इनका सेवन आपकाे मधुमेह, माेटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी राेगाें भी ग्रस्त कर सकता है। इसलिए स्वस्थ दिल और सेहत के लिए पिज्जा, बर्गर जैसे फास्ट फूड से दूरी बना लें। चीनी Worst Food For your Heart चीनी का ज्यादा सेवन मोटापा, सूजन, उच्च कोलेस्ट्रॉल और मधुमेह के ...

World Heart Day: दिल की बीमारी दूर रखने के लिए अपनाएं ये लाइफस्टाइल

Image
World Heart Day In Hindi : विश्व हृदय दिवस हर साल 29 सितंबर ( World Heart Day 2019 ) को हृदय रोगों और उनकी रोकथाम के लिए जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है। दिल की बीमारियां एक गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती हैं और जानलेवा हो सकती हैं। हृदय रोग को अवरुद्ध धमनियों या धमनियों में पट्टिका कहा जाता है जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है, सीने में दर्द (एनजाइना) या स्ट्रोक पैदा करने वाला स्थायी नुकसान हो सकता है। बहुत सी आदतें हैं जो अकेले या एक साथ हृदय रोग और दिल के दौरे में योगदान करती हैं। उदाहरण के लिए, धूम्रपान, शारीरिक रूप से निष्क्रिय होना, अधिक वजन, खराब खाने की आदतें और बहुत अधिक शराब पीना। ये सभी कारण दिल के सेहत काे नुकसान पहुंचाते हैं। लेकिन आप चाहे ताे हेल्दी लाइफस्टाइल ( Healthy lifestyle For Healthy Heart ) अपनाकर अपने दिन काे सेहतमंद रख सकते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर हो डाइट ( Diet For Healthy Heart ) पोषक तत्वों से भरपूर हो डाइट खाने से कई तरह से दिल के राेगाें का खतरा कम हो जाता है। सेहतमंद डाइट रक्तचाप, रक्त कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में भी मददगार ह...

Rhinoplasty: राइनोप्लास्टी से ठीक हो सकती है टेढ़ी नाक

Image
Rhinoplasty In Hindi: नाक के बीच में दो पतली हड्डियां होती हैं जो नाक को दो भागों में बांटती हैं। इससे नाक से सांस लेने की प्रक्रिया पूरी होती है। चोट, किसी रोग या जन्मजात विकृति के कारण जब यह हड्डी टेढ़ी हो जाती है तो सांस लेने में तकलीफ होने के साथ चेहरा भद्दा दिखता है। इस हड्डी को राइनोप्लास्टी टेक्नीक से ठीक करते हैं। जिन्हें यह समस्या है उन्हें समय रहते इलाज लेना चाहिए वर्ना सांस संबंधी दिक्कत हो सकती है।आइए जानते हैं इसके बारे में :- ऐसे होती सर्जरी नाक की हड्डी को ठीक करने के लिए सर्जरी करते हैं जिसमें गले में ट्यूब डालकर कृत्रिम सांस देकर प्रक्रिया पूरी करते हैं। सर्जरी के बाद नाक में विशेष जेल लगाते हैं। ऐसे में रोगी मुंह से सांस लेता है। एलर्जी, नाक में पॉलिप्स बनने से छींक आने के साथ पानी निकलता है। ऐसे में रोगी को एलर्जी के कारक से दूरी बनानी चाहिए। बहरेपन का इलाज बहरापन जन्मजात या जन्म के बाद भी हो सकता है। जन्म से बहरा होने के कई कारण हैं। प्रेग्नेंसी में बिना डॉक्टरी सलाह के दवाएं लेना, जिसका दुष्प्रभाव शिशु के दिमाग व सुनने की क्षमता पर पड़ता है। साथ ही इस दौरान शिशु क...

Salt Hazard: तंबाकू तरह नमक पर भी लगनी चाहिए स्वास्थ संबंधी चेतावनी - एक्सपर्ट

Image
Salt Hazard In Hindi : आप खाने में ज्यादा नमक खाने के शाैकिन है ताे आपकाे सावधान हाे जाना चाहिए। क्याेंकि अधिक नमक का सेवन, अब कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का कारण बन गया है। क्लिनिकल हाइपरटेंशन पत्रिका में प्रकाशित एक नए शाेध के अनुसार, द वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग और प्रमुख स्वास्थ्य संगठनों ने सुपरमार्केट और रेस्तरांआें को नमक की डिब्बियाें salt shakers पर भी तंबाकू की तर्ज पर स्वास्थ्य चेतावनी लेबल लगाने के लिए चेताया है। अनहेल्थी डाइट विश्व स्तर पर मौत का एक प्रमुख कारण वर्ल्ड हाइपरटेंशन लीग के पूर्व अध्यक्ष व शाेध के मुख्य लेखक, डॉ नॉर्म कैंपबेल ने कहा कि हमें अाहार में नमक कम करने के लिए आैर अधिक कठाेर दृष्टिकोण की जरूरत है। अनहेल्थी डाइट विश्व स्तर पर मौत का एक प्रमुख कारण है, आैर अधिक नमक इसके जाेखिम काे बढ़ाता है।2017 में वैश्विक स्तर पर 3 मिलियन से अधिक मौतें होने का अनुमान है।" सोडियम का सेवन 30% तक कम करने का लक्ष्य उन्हाेंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कर्इ देशों के लिए 2025 तक सोडियम का सेवन 30% तक कम करने का लक्ष्य रखा है। सरकारें और खाद्य उद्योग प्रसंस्कृत ...

Bone Health: बढ़ती उम्र में भी हड्डियां मजबूत रखते हैं ये नेचुरल तरीके

Image
Bone Health TIps In Hindi: शरीर काे संतुलित व गतिमान रखने के लिए मजबूत हड्डियों का हाेना बहुत जरूरी। लेकिन अक्सर देखा जाता कि लाेग हड्डियों की सेहत ( Bone Health ) के प्रति गंभीर नहीं हाेते। बचपन से लेकर आपके जवान हाेने तक हड्डियों काे खनिज ( Minerals ) का पाेषण मिलता है। आैर 30 की उम्र आते - आते अापकी हड्डियां अपना पूरा विकास कर चुकी हाेती है।यदि इस समय तक आपकी हड्डियों का पूर्ण विकास नहीं हुआ हाे ताे यह आगे चलकर कमजाेर व आसानी से टूटने वाली हड्डियाें की समस्या पैदा कर सकता। लेकिन खुशी की बात ये है कि पाेषण युक्त डाइट व स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हड्डियों की कमजाेरी काे दूर किया जा सकता है। आइए जानते हैं इनके बारे में ( Natural Way To keep Your Bone Healthy ) : बहुत सारी सब्जियां खाएं ( Vegetables Are Good For Bones ) विटामिन सी का स्रोत हाेने से सब्जियां हड्डियों के विकास के लिए बहुत अच्छी हाेती हैं। विटामिन सी ( Vitamin C ) हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं के उत्पादन को उत्तेजित करता है। इसके अलावा, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि विटामिन सी के एंटीऑक्सिडेंट प्रभाव हड्डियों की कोशिकाओं को ...

home remedies: हिचकी करे परेशान तो ये नुस्खा दिलवाएगा आराम

Image
काम की बात ... यूं तो हिचकी आना सामान्य बात है, लेकिन लगातार हिचकी आना एक तरह की बीमारी है। हिचकी को रोकना मुश्किल होता है। कई बार गले में कुछ फंसने, मौसम में बदलाव या तेज मिर्च मसाला खाने से हिचकियां आने लगती हैं। इससे बचने के लिए कुछ घरेलू नुस्खे अपनाए जा सकते हैं। फिर भी हिचकी न रुके तो डॉक्टरी राय लें। इसलिए होती परेशानी सीने के हिस्से पर डायफ्रॉम की मांसपेशियों के अचानक सिकुडऩे की वजह से हिचकी आने लगती है। मुंह में जब वायु ऊपर की ओर बढ़ती है तो हिक-हिक की आवाज आती है। इस तरह वायु रुक-रुक कर बाहर निकलती है। ऐसी स्थिति वायु बढ़ाने वाले पदार्थों को खाने से उत्पन्न होती है। कई बार मिर्च मसाले वाली चीजें खाने या गले में कोई चीज अटक जाने से पेट से ऊपर की ओर वायु उठने से होती है जिससे हिचकी शुरू हो जाती है। कुछ गर्म खाने के बाद कुछ ठंडा खाने, धूम्रपान करने या ज्यादा तनाव लेने से भी हिचकी आती है। ये अपनाएं कुछ सेकंड के लिए सांस रोकें अपना ध्यान दूसरी ओर लगाएं खाना धीरे खाएं, पानी घूंट-घूंट पीएं कुछ घरेलू उपाय शहद की मिठास शरीर की नसों को नियंत्रित रखती हैं। ऐसे में सिर्फ शहद चाटने या एक च...

Oral Problem: मुंह से आती है बदबू तो करें ये उपाय

Image
कारगर उपाय : सोने से पहले कुल्ला (Rinse before bedtime): आधा चम्मच नमक आधे गिलास पानी में मिलाकर कुल्ला करें। पानी में नींबू का रस मिलाकर भी कुल्ला कर सकते हैं। पर्याप्त पानी पीएं (Drink enough water): पानी ज्यादा पीएं। हमारे मुंह में पानी या लार की कमी से बैक्टीरिया मुंह में पनपते हैं। पानी पीने से मुंह में लार बढ़ती है, जिससे ऑक्सीजन का स्तर भी बढ़ता है और मुंह में बैक्टीरिया नहीं पनपते। इन्हें चबाने पर होगा फायदा रात में भोजन के बाद सूरजमुखी के बीज या पुदीने की पत्तियां चबाएं। अमरूद की पत्तियां भी चबा सकते हंै। विटामिन-सी डाइट लें: सिट्रस एसिड युक्त फल मुंह में बैक्टीरिया पनपने से रोकते हैं। चेरी, स्ट्रॉबेरी, नींबू, संतरा आदि खा सकते हैं। दही फायदेमंद (Yogurt beneficial) : दही खाने से सल्फाइट पदार्थ कम बनता है जिससे सांस की बदबू दूर होती है। बिना चीनी वाला दही लाभकारी है। चीनी से बैक्टीरिया बढ़ते हैं। हेलिटोसिस रोग हेलिटोसिस यानी सांस की बदबू, बैक्टीरिया और भोजन से मिलकर शुरू होती है। दांत, जीभ और मसूढ़ों की सफाई नियमित करें। क्योंकि मुंह से दुर्गंध आने की एक वजह यह भी है। from P...

Hypertension: उच्च रक्तचाप की समस्या को इन नेचुरल तरीकों से करें दूर

Image
Hypertension : हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर माना जाता है। अधिकांश को देर से पता चलता है कि वे इस समस्या से जूझ रहे हैं। ऐसे में दवाओं से बचना चाहते हैं तो लाइफ स्टाइल में बदलाव करें। आइए जानते हैं नेचुरल तरीके कैसे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या काे कम ( Natural Way To Prevent High Blood Pressure ) किया जा सकता है :- सांस से आराम ( Breathing Exercises ): कुछ लोगों का बीपी शाम की तुलना में सुबह ज्यादा होता है। इसका कारण है रात में कम ऑक्सीजन की प्राप्ति। इसके लिए दिन में 10 से 15 बार पेट से गहरी सांस लें। विशेषज्ञों के अनुसार गहरी सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन व रक्त का संचार सुचारू रहता है। मानसिक शांति मिलती है, गुस्सा भी कम आता है। नियंत्रित खानपान ( Healthy Diet ) : फैटी डाइट व अधिक नमक से परहेज। विशेषज्ञ मानते हैं कि सामान्य व्यक्ति को दिनभर में 5-6 ग्राम नमक खाना चाहिए। सलाद खूब खाएं। व्यायाम ( Exercise Regularly ) : वजन बीपी का मुख्य कारण है। सामान्य वजन से 4-5 किलो अधिक वजन ब्लडप्रेशर को करीब 4 एमएम-एचजी तक बढ़ा देता है। वॉक, जॉगिंग, जिमिंग व एरोबिक्स एनर्जी लेवल बढ़ाती हैं। ...

hair fall: समय पर पहचान लें बाल झडऩे की वजह

Image
आनुवांशिक व अन्य कारणों से भी हेयरफॉल होता है ज्यादातर लोग बाल झडऩे की वजह शैंपू, ऑयल या अन्य हेयर केयर प्रोडक्ट्स को मानते हैं लेकिन हकीकत में बाल कई कारणों से गिरते हैं। पौष्टिक आहार व नियमित एक्सरसाइज न करने के अलावा आनुवांशिक व अन्य कारणों से भी हेयरफॉल होता है। आनुवांशिक कारण से बाल समय से पहले गिरने लगते हैं, यह समस्या एंडोजेनिक एलोपेसिया कहलाती है। जानें बाल झडऩे की समस्या को कैसे करें दूर- इसलिए गिरते हैं बाल खराब दिनचर्या यानी समय पर न उठना व सोना, अधिक तनाव लेना, केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स का ज्यादा प्रयोग जैसी आदि कारण हैं। इसके अलावा बालों की जरूरत के अनुसार विटामिन्स, प्रोटीन व मिनरल्स की पूर्ति न होना या हार्मोन्स में गड़बड़ी, खून की कमी और पीसीओडी भी प्रमुख वजह हैं। हेयरफॉल संबंधी सवाल-जवाब तेज धूप के संपर्क में ज्यादा रहना : लंबे समय तक तेज धूप के सपंर्क में रहने से पराबैंगनी किरणें बालों को डैमेज करती हैं। धूप या ज्यादा तापमान के एक्सपोजर से बाल दो मुंहे और बेजान हो जाते हैं। पुरुषों में ही गंजेपन की शिकायत होती है: नहीं, महिलाओं में भी हार्मोन में बदलाव या थायरॉयड की सम...

Anger Effects: कम कीजिए गुस्सा नहीं तो सेहत को होंगे ये नुकसान

Image
Anger Effects : बोलने, हंसने या रोने की तरह गुस्सा भी भावना की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है। लेकिन ज्यादा गुस्सा व गुस्सा दबाना, दोनों ही आदतें शरीर-दिमाग के लिए सही नहीं हैं। ये आपके लिए कई परेशानियां बढ़ा सकती हैं। आइए जानते हैं गुस्से आपकी सेहत पर पड़ने वाले प्रभावाें ( Anger Effects On Health ) के बारे में :- Effects Of Anger हृदय रोग ( Effects Of Anger On Heart ) : कई अध्ययनों में पाया गया कि गुस्सा कोरोनरी हृदय रोगों की आशंका बढ़ाता है। ऐसे में सामान्य व्यक्ति व खासतौर पर कोरोनरी हृदय रोग के मरीजों को इस आदत से बचना चाहिए। घाव : गुस्से के कारण शरीर में घाव भरने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है। शोधकर्ताओं के अनुसार सर्जरी के बाद गुस्सा नहीं करना चाहिए। हाई ब्लड प्रेशर ( Effects Of Anger On Blood Pressure ) : स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक गुस्सा छिपाने व दबाने वाले अक्सर हाई बीपी के मरीज हो जाते हैं। फेफड़े ( Effects Of Anger On Lungs ) : एक शोध के मुताबिक अक्सर गुस्सा करने वाले जोर-जोर से सांस लेेते हैं या हांफने लगते हैं व उनके नथुने फूल जाते हैं जिससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है। ...

Male Infertility: इस गड़बड़ी से पुरुषों में हो सकती है शुक्राणुओं की कमी

Image
Male Infertility : इन दिनों ऐसे पुरुषों की संख्या अधिक है जिनके शुक्राणुओं की गणना कम है। यानी उनकी सीमेन जांच में कोई स्वस्थ शुक्राणु नहीं दिखते। कई बार शुक्राणु टेस्टीज में बन रहे होते हैं, लेकिन ट्यूब बंद होने की वजह से ये सीमेन में सम्मिलित नहीं हो पाते। वेरिकोसील रोग के कारण भी शुक्राणु नहीं बन पाते। मूल जटिलता उस स्थिति में होती है जब पुरुष में शुक्राणु ही नहीं बन पाते या उसके सीमेन के सेम्पल में शुक्राणु पाए ही नहीं जाते। यह स्थिति आजुस्पर्मिया ( Azoospermia ) है। एक प्रतिशत जनसंख्या इसका शिकार है। समस्या के अन्य मुख्य कारण क्या हैं? ( Male Infertility Cause ) इसके कई कारण हैं जिसमें हार्मोन्स की कमी, बचपन से ही टेस्टीज में इंफेक्शन या चोट लगना, स्मोकिंग व शराब पीने की लत मुख्य हैं। कई बार बॉडी बिल्डिंग के लिए प्रयोग किए जाने वाले स्टेरॉइड से भी आगे चलकर शुक्राणुओं के बनने की प्रक्रिया प्रभावित होती है। जरूरत से ज्यादा व्यायाम करने से भी पुरुषों की फर्टिलिटी पर दुष्प्रभाव पड़ता है। अत्यधिक तनाव, चिंता, प्रदूषण, खून की कमी आदि से भी यह दिक्कत होती है। परेशानी का उपचार क्या है? (...

Vitamin B12 Deficiency: शरीर के संतुलन को खराब कर सकती है B12 की कमी

Image
Vitamin B12 Deficiency : विटामिन बी 12 हमारे शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, कार्बोहाइड्रेट से ऊर्जा उत्पादन, फैट और प्रोटीन के मेटाबॉलिज्म और एक स्वस्थ तंत्रिका तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। कुछ अध्ययनों के अनुसार भारतीय लाेगाें में 70-100 प्रतिशत तक विटामिन बी 12 की कमी देखी गई है। विटामिन बी 12 की कमी गंभीर स्वास्थ्य राेगाें का खतरा पैदा कर सकती है। खासकर न्यूरोलॉजिकल कॉम्प्लिकेशन काे बढ़ावा मिलता है। विटामिन बी 12 d की कमी से नुकसान ( Symptoms Of Low Vitamin b12 ) - B12 की कमी से आपका शरीर आॅक्सीजन के प्रवाह के लिए जरूरी रेड ब्लड सेल का उत्पादन नहीं कर पाता है।जिसकी वजह से आप हमेशा थका हुआ आैर कमजाेर महसूस करते हैं। - विटामिन बी 12 की कमी है,आपके त्वचा का रंग बदल देती है। आपकी त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। - बी 12 माइलिन के उत्पादन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जो आपकी नसों को उत्तेजित करता है और आपके तंत्रिका तंत्र के कार्य के लिए महत्वपूर्ण है। B12 की कमी में तंत्रिका क्षति हाेने पर व्यक्ति काे सुर्इ चुभने जैसा अहसास हाेता है। - बी 12 की कमी आपके शरीर के बैलेंस का खरा...

Weight Loss Drinks: जाै का पानी इस तरह पीने से जल्दी घटेगा वजन

Image
Weight Loss Drinks: आप अपने बढ़ते हुए माेटापे ( Obesity ) काे कंट्राेल करने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रहे हैं। लेकिन अभी भी सफलता आपसे काेसाें दूर है, ताे आपकाे कुछ अलग करने की जरूरत है। कई बार ऐसा हाेता है कि केवल भाेजन या एक्सरसाइज वजन घटाने में कामयाब नहीं हाे पाते। ऐसे समय में आपकाे भाेजन और एक्सरसाइस के सही काॅम्बीनेशन की जरूरत हाेती है। ऐसी कई छोटी-छाेटी चीजें हैं जो आपके वजन घटाने ( Weight Loss ) की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं। आप अगर इसकी तलाश में हैं ताे जाै का पानी ( Barley Water ) आपकी मदद कर सकता है। आइए जानते हैं कि जाै कैसे वजन घटाने में आपकी मदद कर सकता है :- फाइबर से भरपूर, जौ को पूरे अनाज जैसे ओट्स और व्होल ग्रेन ( Oats And Whole Grai n ) की श्रेणी में गिना जाता है। कैलाेरी की अधिकता हाेने पर भी, कम फैट हाेने के कारण जाै वजन कम करने में मददगार हाेता है। Barley Nutritional value : आधा कप पकाए हुए जौ में निम्न पाेषक तत्व हाेते हैं :- कैलोरी: 96 वसा: 1 ग्राम सैचुरेटेड फैट: 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट: 22 ग्राम प्रोटीन: 2 ग्राम डाइटरी फाइबर: 3 ग्राम सोडियम: 2 मिलीग्राम मैंगनी...

Tailbone Pain यानी रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से में दर्द

Image
कमर के निचले हिस्से में होने वाले दर्द को अक्सर लोग रीढ़ या कूल्हे की परेशानी मान लेते हैं। बैठने पर एकदम नीचे यदि असहनीय दर्द हो तो नजरअंदाज न करें, टेलबोन यानी रीढ़ की हड्डी के अंतिम छोर में सूजन या फे्रक्चर के कारण ऐसा हो सकता है। टेलबोन त्रिकोण आकार की हड्डी है। कुछ मामलों में इससे जुड़े दर्द का कारण तय नहीं होता है। इसके लिए कुछ जांचें करवानी पड़ती है। जानते हैं इस समस्या के बारे में- दर्द के प्रमुख कारण किसी प्रकार की चोट लगने के अलावा संक्रमण और लंबे समय से कब्ज की शिकायत अहम कारण हैं। महिलाओं में डिलीवरी के बाद ऐसा ज्यादा होता है। इलाज-सावधानी आराम करने के अलावा एंटी इंफ्लेमेट्री दवाएं देने के साथ ही मुलायम और कुशन वाली गद्दी या तकिया लगाकर बैठने की सलाह देते हैं। कोशिश करें कि लंबे समय के लिए एक ही जगह, एक ही पोजिशन में और झुककर न बैठें। गंभीर स्थितियों में स्टेरॉयड दवा व इंजेक्शन के अलावा सर्जरी की जरूरत भी पड़ती है। मरीज को ज्यादा सख्त सतह पर बैठने की मनाही होती है। प्रभावित जगह पर गर्म सेक भी कर सकते हैं। एक्सपर्ट : डॉ. अजय सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ, लखनऊ from Patrika : Ind...

Papaya For Skin: मुंहासे दूर कर त्वचा को बेदाग बनाता है पपीता

Image
Papaya For Skin : फाइबर, विटामिन—सी और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर पपीता आपके पाचन तंत्र को ही नहीं बल्कि आपकी स्किन काे भी सेहतमंद बनाता है। पुराने समय से ही इसका प्रयाेग त्वचा की रंगत निखारने के लिए किया जाता रहा है।आइए जानते त्वचा की देखभाल करने में पपीते के गुणाें ( Papaya Benefits For Skin ) के बारे में :- एंटी-एजिंग एजेंट ( Papaya Anti Aging Properties ) पपीते के छिलकाें में एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं। जाे त्वचा की मरम्मत में अहम भूमिका निभाते हैं। चेहरे से मृत त्वचा हटाने के लिए पपीते के छिलके काे रगड़े आैर थाेड़ी देर बाद ठंडे पानी से धाेले। इससे आपकी आपकी त्वचा बेदाग हाेकर निखर उठेगी। मुँहासे दूर करें ( Papaya For Acne Prone Skin ) पपीते में पाया जाने वाला पैपैन मुंहासाें काे दूर करने में विशेष ताैर पर काम करता है। इसके अलावा पपीते के पत्ताें और बीज में भी मुँहासे राेकने के गुण हाेते हैं।पपीते का गुदा मुहासाें पर लगाने से जल्दी फायदा मिलता है। मॉइस्चराइजर ( Papaya For Dry Skin ) यदि आपकी त्वचा रूखी और बेजान है तो पपीता आपको फायदा पहुंचा सकता है। पपीते में ऐसे पौषक तत्व पाए जाते ह...

Anti Cancer Diet: ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम करता है लहसुन, प्याज खाना

Image
Anti Cancer Diet: डाइट में कच्चे लहसुन और प्याज का सेवन आपकी सेहत को कर्इ तरीकाें से फायदा पहुंचाता है। स्किन, बाल, पाचन तंत्र, इम्यून सिस्टम के राेगाें से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में भी ये दाेनाें चीजें खाना आपके लिए फायदेमंद साबित हाे सकती हैं। न्यूट्रीशन और कैंसर जर्नल में हालही में प्रकाशित एक अध्ययन में कहा गया है कि कच्चे लहसुन और प्याज का सेवन करने से स्तन कैंसर के विकास के जोखिम को कम ( Onion, Garlic Diet May Reduce Breast Cancer Risk ) किया जा सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि लहसुन व प्याज में एेसे एंटी कैंसर घटक पाए जाते हैं जाे Breast Cancer काेशिकाआें के प्रसार काे राेकने प्रभावी हैं।आइए जानते हैं लहसुन व प्याज कैसें स्तन कैंसर से बचाव करते हैं ( How Onions And Garlic Protect Against Breast Cancer ) :- कच्चा लहसुन Garlic Nutrition : लहसुन में एल्काइल सल्फर, एस-एलिलिसिस्टीन, डायलील सल्फाइड और डायलील डाइसल्फाइड याैगिक घटक पाए जाते हैं।ये सभी एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर हाेते हैं। जो लहसुन को स्तन कैंसर से निपटने में प्रभावी बनाते हैं। इसके अलावा, कच्चा लहसुन आपकी प्...